आपके यहां सेवा से हटाने का षड्यंत्र रचा जाता है #santvichar
nirankari.सत्संग सेवा का मर्म: अनुभव का सम्मान और नए का स्वागत सही ढंग से सत्संग का वातावरण प्रेम, शांति और निस्वार्थ सेवा का ह…
सत्संग सेवा का मर्म: अनुभव का सम्मान और नए का स्वागत सही ढंग से सत्संग का वातावरण प्रेम, शांति और निस्वार्थ सेवा का ह…
सतगुरु का मंच... यह एक साधारण सी दिखने वाली जगह, लेकिन आध्यात्मिक जगत में इसका एक विशेष महत्व है। यह सिर्फ कुछ लकड़िय…
हमारे सत्संग मंचों पर अक्सर देखा जाता है कि संत महापुरुष अपने विचार प्रस्तुत करते समय पुराने धार्मिक ग्रंथों की कथाओं—…
परिवार में सत्संग की ज्योति: अंधकार से उजाले की ओर बरसों तक सत्संग की महिमा का अनुभव करते हुए भी, अक्सर देखा गया है क…
क्या निरंकार को धन की आवश्यकता है, या अच्छे इंसानों की? अक्सर हम धार्मिक स्थलों और संस्थाओं में धन अर्पित करते हैं, य…
भक्ति में अहंकार: सेवा, सुमिरन और सत्संग का सही मार्ग भक्ति का मार्ग प्रेम, समर्पण और विनम्रता का होता है। जब हम सेव…
घर में सत्संग का माहौल: सुख, शांति और समृद्धि का आधार सत्संग से मिलने वाली आत्मिक शांति और आनंद का अनुभव हर किसी के ज…
सत्संग में पदवी की लालसा रखने वाले संत महापुरुष अपनी आत्मिक शांति को भंग कर लेते हैं। सद्गुरु के आदेशों को सुनने के बज…
सत्संग का सच्चा अर्थ: शांति ss ii र आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग सत्संग—यह शब्द अपने आप में एक शांति और आध्यात्मिक ऊर्ज…
सत्संग का अमृत: बच्चों के चरित्र निर्माण में एक प्रकाश स्तंभ बच्चे, समाज के भविष्य के निर्माता हैं। उनका पालन-पोषण, उ…
मानव जीवन, एक जटिल और बहुरूपी यात्रा है। यह यात्रा कभी सुखमय घाटियों से होकर गुज़रती है, तो कभी कठिन पर्वतीय पथों पर चढ…
माया का खेल निरंतर इंसान को सतगुरु से दूर रखने का प्रयास करता है। जब भी जीवन में सुख, शांति, और समृद्धि की संभावना होत…
जीवन में सतगुरु का होना उतना ही आवश्यक है जितना जीवन में प्राण। जब एक व्यक्ति अहंकार और भ्रम से भरी दुनिया में भटकता ह…
धार्मिक संस्थाओं में भेदभाव: युवाओं के साथ धोखा? धार्मिक संस्थाएं हमें एकता, प्रेम और समानता की शिक्षा देती हैं। लेकि…