बहुत लोगों की यही शिकायत है - "कमा तो लेता हूँ, पर महीने के आखिर में जेब खाली हो जाती है।" सैलरी आई, उधारी चुकाई, घर का खर्चा, बच्चों की फीस और फिर हाथ खाली। आखिर पैसा जाता कहाँ है? बृहद पराशर होरा शास्त्र में महर्षि पराशर जी ने कहा है कि कुंडली का दूसरा भाव धन का भाव है। ये भाव आपके बैंक बैलेंस, परिवार के धन और आपकी वाणी से कमाए हुए पैसे को दिखाता है।
समस्या क्या है?
जब दूसरे भाव में राहु, केतु या शनि बैठा हो, या दूसरे भाव का मालिक 6ठे, 8वें या 12वें भाव में चला गया हो, तो पैसा टिकता नहीं। पराशर जी कहते हैं - "धनेशे व्यये वा रिपुगे निर्धनो भवति" - धन का मालिक अगर खर्च या शत्रु भाव में हो तो व्यक्ति कंगाल जैसा महसूस करता है। दूसरा कारण है शुक्र का कमजोर होना। शुक्र लग्जरी और बचत का ग्रह है। शुक्र अगर नीच का हो तो व्यक्ति दिखावे में ज्यादा खर्च करता है। तीसरा कारण है शनि की ढैय्या - जब शनि आपकी राशि से दूसरे या बारहवें हो तो अनचाहा खर्च बढ़ जाता है - बीमारी, कोर्ट-कचहरी, या घर की मरम्मत में पैसा चला जाता है।
कई बार 11वां भाव तो मजबूत होता है - पैसा आता भी है, पर 12वां भाव उससे ज्यादा मजबूत हो जाता है - पैसा निकल जाता है। इसे ज्योतिष में "छिद्र योग" कहते हैं।
ज्योतिष कारण गहराई से:
अगर दूसरे भाव पर मंगल की दृष्टि हो तो व्यक्ति गुस्से में खर्च करता है। राहु की दृष्टि हो तो ऑनलाइन शॉपिंग, सट्टा या दिखावे में पैसा बर्बाद होता है। चंद्रमा कमजोर हो तो मन स्थिर नहीं रहता - आज सेविंग का सोचा, कल तोड़ दी। पराशर शास्त्र में लिखा है कि धन भाव में पाप ग्रह होने से व्यक्ति को परिवार से भी पैसे को लेकर तनाव रहता है।
आसान घरेलू समाधान - जो हर कोई कर सके:
1. दूसरे भाव को मजबूत करें - वाणी का उपाय: दूसरा भाव वाणी का भी है। सुबह उठते ही किसी को गाली मत दो, कड़वा मत बोलो। रोज सुबह "ॐ श्रीं श्रियै नमः" 108 बार बोलो। वाणी मीठी होगी तो लक्ष्मी खुद रुकेगी। 2. शुक्र को ठीक करो: शुक्रवार को सफेद चीनी या चावल किसी गरीब महिला को दो। अपनी तिजोरी या पर्स में छोटा सा चांदी का सिक्का रखो। फटे हुए पर्स में कभी पैसा मत रखो - ये लक्ष्मी का अपमान है। 3. राहु का खर्च रोको: राहु अचानक खर्च करवाता है। महीने की पहली तारीख को ही 10% पैसा अलग निकाल कर किसी डिब्बे में रख दो और उस पर "राहु शांति" लिख दो। इसे 6 महीने तक मत खोलो। ये आपके 12वें भाव के खर्च को काटेगा। 4. शनि का नियम: शनिवार को शाम में पीपल के नीचे तेल का दिया जलाओ और "ॐ शं शनैश्चराय नमः" बोलो। शनि कहता है - "बचत कर, मैं तुझे राजा बनाऊंगा"। 5. तिजोरी का वास्तु: तिजोरी को उत्तर दिशा में रखो और उसमें केसर का टीका लगाओ। उत्तर दिशा कुबेर की है।
याद रखो, पैसा कमाना 20% मेहनत है और 80% आदत है। अगर आप रोज 20 रुपये भी बचाते हो तो साल में 7300 रुपये बचेंगे। ग्रह आपको रास्ता दिखाते हैं, पर ताला आपकी आदत ही खोलेगी। आज से ही एक छोटी सी बचत शुरू करो, 40 दिन में फर्क दिखेगा। लक्ष्मी वहीं टिकती है जहाँ सफाई, मीठी वाणी और बचत की आदत हो।
