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छठे भाव में उच्च का चंद्रमा (वृषभ राशि): जानिए इसके अद्भुत प्रभाव और उपाय

 


वैदिक ज्योतिष में चंद्रमा को हमारे मन, भावनाओं, माता और मानसिक शांति का कारक माना जाता है। जब कुंडली के छठे भाव में 2 नंबर की राशि (वृषभ राशि) होती है और उसमें चंद्रमा विराजमान होते हैं, तो यह चंद्रमा की उच्च अवस्था (Exalted Moon) कहलाती है। छठा भाव रोग, ऋण (कर्ज) और शत्रुओं का माना जाता है, लेकिन यहाँ चंद्रमा का उच्च होना व्यक्ति को विशेष मानसिक क्षमता और जुझारूपन प्रदान करता है।

धनु लग्न की कुंडली में अष्टमेश (8वें भाव के स्वामी) चंद्रमा जब छठे भाव में उच्च के होकर बैठते हैं, तो यह 'विपरीत राजयोग' का निर्माण भी करते हैं। इसका अर्थ यह है कि ऐसा व्यक्ति जीवन में आने वाली कठिन परिस्थितियों, बाधाओं और शत्रुओं का डटकर मुकाबला करता है और अंततः बड़ी सफलता प्राप्त करता है।

छठे भाव में उच्च के चंद्रमा के 5 मुख्य प्रभाव:

  • शत्रुहंता योग और प्रतियोगिता में सफलता: छठे भाव में उच्च का चंद्रमा व्यक्ति को विरोधियों पर विजय दिलाता है। ऐसे लोग प्रतियोगी परीक्षाओं और कोर्ट-कचहरी या विवादों के मामलों में जीत हासिल करते हैं।

  • सेवा और चिकित्सा क्षेत्र में सफलता: चंद्रमा की यह स्थिति व्यक्ति को संवेदनशील और सेवाभावी बनाती है। ऐसे लोग मेडिकल, नर्सिंग, हीलिंग, सोशल वर्क या केयरटेकिंग के क्षेत्र में बहुत सफलता पाते हैं।

  • मानसिक मजबूती और अंतर्दृष्टि (Intuition): विपरीत परिस्थितियों में भी व्यक्ति का मन शांत रहता है। ऐसे लोगों की अंतर्दृष्टि बहुत मजबूत होती है, जिससे वे आने वाली समस्याओं का अनुमान पहले ही लगा लेते हैं।

  • स्वास्थ्य और भावनाओं का संतुलन: चूंकि चंद्रमा पानी और कफ का कारक है, इसलिए कभी-कभी कफ या पाचन से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। साथ ही माता के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

  • कर्ज से मुक्ति: विपरीत राजयोग के प्रभाव से यदि व्यक्ति पर कभी कर्ज आता भी है, तो वह अपने धैर्य और बुद्धिमत्ता से उसे समय रहते चुका देता है।

इस ग्रह स्थिति को और अधिक शुभ बनाने के उपाय:

  • शिव जी की उपासना: सोमवार के दिन शिवलिंग पर जल और कच्चा दूध अर्पित करें।

  • माता का आशीर्वाद: प्रतिदिन अपनी माता या घर की बुजुर्ग महिलाओं के चरण स्पर्श करके आशीर्वाद लें।

  • चांदी का प्रयोग: चांदी के गिलास में पानी पीने से चंद्रमा की स्थिति और अधिक संतुलित व मजबूत होती है।

निष्कर्ष

छठे भाव में वृषभ राशि का उच्च चंद्रमा व्यक्ति को चुनौतियों से लड़ने की अद्भुत शक्ति और मानसिक दृढ़ता देता है। सही सोच, संयम और उपायों के साथ आप इस ग्रह स्थिति का पूरा लाभ उठाकर जीवन में तरक्की हासिल कर सकते हैं।

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