NEET परीक्षा में बड़ा बवाल! नागपुर के छात्र का सेंटर पहुंचा अबू धाबी, राहुल गांधी ने NTA पर उठाए गंभीर सवाल
“क्या देश के बच्चों का भविष्य अब सिस्टम की गलतियों के भरोसे छोड़ दिया गया है?”
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET एक बार फिर विवादों में घिरती नजर आ रही है। इस बार मामला महाराष्ट्र के नागपुर से सामने आया है, जहां एक छात्र पिछले एक महीने से NEET Re-Exam की तैयारी कर रहा था। लेकिन परीक्षा से सिर्फ एक दिन पहले जब उसने अपना Admit Card डाउनलोड किया, तो उसमें परीक्षा केंद्र अबू धाबी (UAE) दिखाया गया।
यह देखकर छात्र और उसका परिवार पूरी तरह हैरान रह गया। परिवार के पास न तो पासपोर्ट था, न विदेश भेजने के लिए पैसे, और सबसे बड़ी बात – परीक्षा के लिए अब समय ही नहीं बचा था। बताया जा रहा है कि यह छात्र पूरी रात रोता रहा और मानसिक तनाव में परीक्षा देने से ही मना कर दिया।
इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (Twitter) पर एक लंबा पोस्ट करते हुए National Testing Agency (NTA) पर गंभीर सवाल खड़े किए।
राहुल गांधी ने लिखा कि –
“नागपुर का एक बच्चा एक महीने से NEET Re-Exam की तैयारी कर रहा था। कल परीक्षा से ठीक एक दिन पहले उसने admit card डाउनलोड किया। उसका सेंटर निकला – अबू धाबी। न पासपोर्ट, न परिवार के पास विदेश भेजने के पैसे, न अब कोई वक़्त बचा है। वो रातभर रोता रहा।”
उन्होंने आगे कहा कि आखिर ऐसा कैसे हो सकता है कि भारत में रहने वाले छात्र को परीक्षा केंद्र भारत में देने के बजाय विदेश में दे दिया जाए। अगर एक परीक्षा प्रणाली किसी छात्र को उसके शहर में केंद्र नहीं दे सकती और गलती से विदेश भेज सकती है, तो उसे परीक्षा आयोजित करने का कोई अधिकार नहीं होना चाहिए।
राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि NTA अब देश के छात्रों और अभिभावकों का सिर्फ धैर्य (Patience) टेस्ट कर रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था अब शिक्षा का माध्यम कम और छात्रों से पैसे, समय और मानसिक शांति छीनने का जरिया ज्यादा बनती जा रही है।
उन्होंने अपने कोटा दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने पहले भी कहा था कि देश की शिक्षा व्यवस्था एक गंभीर संकट से गुजर रही है। लाखों छात्र सालभर मेहनत करते हैं, परिवार पैसे खर्च करता है, लेकिन अंत में सिस्टम की गलतियों का शिकार बच्चों को होना पड़ता है।
यह मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोग लगातार NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में NEET परीक्षा से जुड़े विवाद लगातार बढ़े हैं — कभी पेपर लीक, कभी परीक्षा केंद्रों में गड़बड़ी, कभी रिजल्ट विवाद और अब परीक्षा केंद्र विदेश में दिखाने जैसी घटनाएं।
छात्र संगठनों ने भी मांग की है कि इस मामले की तुरंत जांच होनी चाहिए और यह सुनिश्चित किया जाए कि परीक्षा के दिन किसी भी छात्र को सेंटर तक न पहुंच पाने की समस्या का सामना न करना पड़े।
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाएं छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर डालती हैं। मेडिकल जैसी कठिन परीक्षा के लिए छात्र महीनों मेहनत करते हैं और जब सिस्टम की एक गलती उनकी पूरी तैयारी पर पानी फेर दे, तो यह बेहद चिंताजनक है।
राहुल गांधी ने अंत में सरकार और NTA को चेतावनी देते हुए कहा:
“हमारे बच्चों के भविष्य के साथ जुआ खेलना बंद कीजिए। वो एक संवेदनशील, ज़िम्मेदार और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था के अधिकारी हैं — और हम ये उन्हें दिलवा कर रहेंगे।”
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