🔴 गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग तेज, यात्रा के दौरान मुस्लिम समाज ने सौंपा ज्ञापन
✍️ विशेष संवाददाता | Avdhesh Blogs
उत्तराखंड: गौ संरक्षण और धर्म जागरण के उद्देश्य से निकाली जा रही "गविधि (गोरक्षार्थ-धर्मयुद्ध) यात्रा" इन दिनों लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है। यात्रा के दौरान एक ऐसा दृश्य सामने आया जिसने सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक संवाद की नई मिसाल पेश की। यात्रा जब कालपी विधानसभा क्षेत्र से होते हुए भगवानपुर विधानसभा क्षेत्र की ओर बढ़ रही थी, तब स्थानीय मुस्लिम समाज के कुछ प्रतिनिधियों ने शंकराचार्य जी को एक लिखित ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में देशभर में गौ संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने तथा गौमाता को "राष्ट्रमाता" का दर्जा देने की मांग की गई। इस दौरान उपस्थित लोगों ने इसे सामाजिक एकता और सांस्कृतिक सम्मान का प्रतीक बताया।
🟨 प्रमुख बिंदु
✅ गोरक्षार्थ-धर्मयुद्ध यात्रा का 29वां दिन चर्चा में।
✅ मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने शंकराचार्य जी को ज्ञापन सौंपा।
✅ गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग रखी गई।
✅ सामाजिक सौहार्द और आपसी सम्मान का संदेश।
✅ यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी।
📢 शंकराचार्य जी का संदेश
यात्रा के दौरान संबोधन करते हुए शंकराचार्य जी ने भारतीय संस्कृति में गौमाता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गाय केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं है बल्कि भारतीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि और पर्यावरण संरक्षण का भी महत्वपूर्ण आधार रही है।