वाणी का खोना या उसमें अवरोध आना केवल शारीरिक नहीं, बल्कि ऊर्जा के स्तर पर भी एक असंतुलन हो सकता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, हमारे शरीर के चक्र और घर की दिशाएं परस्पर जुड़े हुए हैं। आपके द्वारा बताई गई स्थिति—विशेषकर नॉर्थ-ईस्ट (ईशान कोण) की ओर मुख करके सोना—ऊर्जा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
यहाँ इस समस्या के समाधान के लिए विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया है:
1. ईशान कोण (North-East) और वाणी का संबंध
वास्तु के सिद्धांतों के अनुसार, ईशान कोण जल तत्व और दिव्यता का स्थान है। यहाँ मुख करके सोना सकारात्मक है, लेकिन वाणी के लिए कुछ विशेष सुधार आवश्यक हैं:
मुख की दिशा: यद्यपि नॉर्थ-ईस्ट की ओर मुख करना शुभ है, लेकिन स्वास्थ्य लाभ के लिए सोते समय सिर दक्षिण (South) दिशा में और पैर उत्तर की ओर होना सबसे उत्तम माना जाता है। इससे पृथ्वी के चुंबकीय प्रवाह के साथ शरीर का सामंजस्य बैठता है और हीलिंग (healing) तेज होती है।
ऊर्जा का प्रवाह: सुनिश्चित करें कि जहाँ व्यक्ति सो रहा है, उस क्षेत्र में कोई भारी सामान या कबाड़ न हो। यह स्थान बिल्कुल स्वच्छ और हल्का होना चाहिए।
2. प्रभावशाली दृश्यात्मक उपचार (Visual Therapy)
व्यक्ति के ठीक सामने (ताकि जागते ही सबसे पहले दिखाई दे) निम्नलिखित में से किसी एक छवि का उपयोग करना अत्यंत प्रभावशाली होता है:
उगते हुए सूर्य की छवि: सूर्य न केवल प्रकाश देता है, बल्कि यह 'प्राण शक्ति' का कारक है। लाल-नारंगी आभा वाला उगता हुआ सूर्य जीवन शक्ति को जागृत करता है।
हंस (Swan) की प्रतिमा या चित्र: हंस को ज्ञान और वाणी की देवी सरस्वती का वाहन माना जाता है। यह स्पष्टता और शुद्ध अभिव्यक्ति का प्रतीक है।
नीले आकाश या शांत जल का दृश्य: वाणी का संबंध 'विशुद्धि चक्र' (Throat Chakra) से है, जिसका रंग नीला है। एक विशाल नीले आकाश की तस्वीर इस चक्र को संतुलित करने में मदद करती है।
3. व्यावहारिक वास्तु उपाय
शंख की स्थापना: ईशान कोण में एक दक्षिणावर्ती शंख रखें। शंख की ध्वनि तरंगें वाणी के अवरोधों को दूर करने में सहायक मानी जाती हैं।
हरे पौधों का सानिध्य: बुध ग्रह वाणी का स्वामी है और उसका रंग हरा है। व्यक्ति के कमरे में उत्तर दिशा में छोटे हरे पौधे (जैसे मनी प्लांट) रखने से बुध की ऊर्जा संतुलित होती है।
विशुद्धि चक्र ध्यान: सोते समय या जागने के बाद व्यक्ति को कल्पना करनी चाहिए कि उनके गले में एक नीले रंग का प्रकाश पुंज घूम रहा है।
4. दोष निवारण
जाँच करें कि क्या घर के उत्तर (North) या ईशान (North-East) में कोई शौचालय या भारी कचरा तो नहीं है। यह वाणी और बुद्धि में अवरोध पैदा कर सकता है।
कमरे में हल्के रंगों (सफेद, हल्का नीला या क्रीम) का प्रयोग करें। गहरे और भड़कीले रंगों से बचें।